शहीद मेजर हवलदार पीरु सिंह शेखावत जयंती BERI ➡ 【JHUNJHUNU】🗽
🛃 YOGENDRA SINGH TIHAWALI
शेखवाटी का नाम जब भी जहन में आता है तो भारतीय सेना का नाम सबसे पहले आता है | इसी शेखावाटी की पावन धरा पर वीर सपूत पीरू सिंह शेखावत PIRU SINGH SHEKHAWAT का जन्म हुआ है । जिनका जन्म 20 मई 1918 झुंझूनू जिले के बेरी गाव में लाल सिंह शेखावत के घर हुआ । 18 वर्ष की आयु में ये रोबदार चेहरा जिस पर ताव खाती मुछे जो भारत माँ की सेवा के लिए शरीर में खून खोल रहा था । 1936 को सेना में भर्ती हो ही गए । देश आजाद होने के बाद 1948 को पाकिस्तान की बुरी नजर जम्मू कश्मीर पर थी । और मौका देखकर कबाइलियों की आड़ में जम्मू कश्मीर के टिपवाल में पाकिस्तान ने टोपे लगाकर भारतीय सेना पर हमले की तैयारी कर ली । भारतीय सेना को इसकी भनक लगी और 6 राजपुताना राइफल को मिशन को अंजाम देने के लिए भेज दिया । और इसका नेतृत्व पीरू सिंह शेखावत PIRU SINGH को सौपा गया ।
पकिस्तान ने पीरू सिंह puri singh की कमान के आधे से ज्यादा सैनिको को मार दिया लेकिन पीरू सिंह का मन डगमगाया नही और आगे बढे दुश्मनों के नजदीक पहुँच कर कई पाकिस्तानियो को मार दिया लेकिन उनको भी बम के कई छरे लगे जिससे पीरु सिंह के कपडे फट गये और खून से लहूलुहान हो गये । इस बीच पीरू सिंह puri singh जी एक खाई को पार करके दूसरी खाई के बीच पहुँचकर दुश्मनों को पर ताबातोड़ गोली बरसाकर उनको निपटा दिया कई घायल हो गए कई मारे गए इस बीच दुश्मनों ने उन पर गोली चला दी जो पीरु सिंह puri singh के सर में जा लगी लेकिन पीरु सिंह puri singh अंतिम सांस लेते वक्त अपनी कमर पर बंधे पीठु से ग्रेनेट निकालकर दुश्मनों पर फेंककर पकिस्तान के मंसूबो पर पानी फेर दिया और खुद ने अपनी अंतिम सांस ली
एक भारत माँ का सपूत जिसने अपने जन्म दिन मानाने की बजाय 20 मई 1948 को भारत माँ की रक्षा करके अपना का फर्ज निभाया । ऐसे भारत माँ के सपूत को सलाम , जिसने शेखावाटी के इस वीर सपूत हवलदार मेजर पीरू सिंह शेखावत puri singh को "परमवीर चक्र" से नवाजा गया जो राजस्थान के प्रथम विजेता है जिनकी आज जयंती है लेकिन दुर्भाग्य है इस देश का जो आज की युवा पीढ़ी इन्हें भूल कर फ़िल्मी जगत के कलाकारों को अपना आईडल मान रही है लेकिन वास्तव में इस देश के असली हीरो ये सैनिक है जो इस देश की रक्षा करते है और हम चैन और सुकून से रहते है । देश के नेता अपने स्वार्थ की खातिर पुराने राजनेताओं की जयन्तिया मनाते है लेकिन इन्हें भूल जाते है सरकारों को इनकी भी जयन्तिया मनानी चाहिए और पीरू सिंह जी puri singh जैसे सेना नायको को स्कूली पाठ्यक्रमो में भी शामिल करना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ी भी इनके योगदान को जान सके । सरकार को इन शहीद सैनिको के लिए अलग से फण्ड कोष बनाना चाहिए जिससे इनके परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके जिससे भारतीय सेना का भविष्य भी उज्जवल हो सके ....जय हिंद जय भारत 🇮🇳
CHM. PARMVEER CHAKR PIRU SINGH SHEKHAWAT
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JHUNJHUNU SHEKHAWATI
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