महाराव शेखाजी का इतिहास ➡ 【 शेखावाटी 】

RAJASTHANfun

सीकर : WRITE BY - YOGENDRA SINGH TIHAWALI 
राजस्थान का नाम  जहन में आते ही वीर शूरमाओं की गाथा की नजर आती है । इस बीच राजस्थान के कच्छावा राजपूत वंशीय शाखा में पैदा हुए "महाराव शेखा जी " का नाम आता है " महाराव शेखाजी " ने शेखावाटी को बसाया । कुश के पुत्र शेखावत वंशज की शाखा रानोली  सूरजगढ़ अलसीसर  खेतडी  तिहावली  बिसाऊ  गांगियासर  नवलगढ़   डूंडलोद   महनसर  मलसीसर में है विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनी , गौरी जैसे   मलेछो ने राजस्थान में काफी लूट पाट की तब से ही राजस्थान की स्थति दहनिये थी । इसी बीच शेखाजी ने तुर्को से डटकर सामना किया । शेखाजी को गाय रक्षक के रूप में भी जाना जाता है उन्होंने जिंदगी में काफी गायो की सेवा की , गौशाला के लिए जमीन दान , गायो के लिए चारा व्यवस्था की थी ऐसा माना जाता है कि शेखाजी ने  एक बार घोषणा कि थी  अगर कोई गाय माता के साथ अत्याचार करेगा तो उसकी गर्दन को धड़ से अलग कर दिया जायेगा । शेखाजी की छवि नारी के सम्मान सुरक्षा के रूप में भी जानी  जाती है एक दुष्ट अत्याचाचारीे द्वारा एक नारी को सताने पर शेखाजी ने दुष्ट को मार गिराया ।  इसके अलावा शेखाजी ने गोड़ राजा रिड़मल के साथ "घाटवा का युद्ध " भी लड़ा । इस युद्ध का संचालन जीण माता की बणी ,गोरया  सीकर से किया । इस युद्ध में रिड़मल शेखाजी पर भारी पड़ रहा था उसने शेखा जी पर काफी तीर प्रहार किए लेकिन शेखाजी ने डटकर सामना किया और रिड़मल की सेना को खदेने में कामयाबी मिली अंततः युद्ध संचालन स्थल पर जख्मी हालात में अपने पुत्र रायमल को उत्तराधिकारी नियुक्त किया और शेखाजी वीर गति को प्राप्त हुए ।   आज उनका स्मारक  से लड़ते हुए वीर गति को प्राप्त हुए । शेखाजी की छतरी जीण माता के  नजदीक रलावता गाव से करीब 2 किलोमीटर दूर बनी है जिससे देखकर राजपूत समाज अपने आपको  फक्र महसूस करता है
Image copy right :- RAJASTHAN trusts.com



⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺⏺
महाराव शेखाजी शेखावाटी
Powered By:- Rajasthanfun.blog
KARNI SYSTEM TIHAWALI

Comments

Popular Posts